```html बौद्ध धर्म और साँची स्तूप - पूरी कहानी 📿 बौद्ध धर्म और साँची स्तूप 🧒 गौतम बुद्ध का जन्म और बचपन (कहानी की शुरुआत) एक बार की बात है, लगभग 563 ईसा पूर्व में, कपिलवस्तु नाम के एक छोटे से राज्य में एक राजा थे शुद्धोधन और रानी महामाया । उनके घर एक लड़का पैदा हुआ, जिसका नाम रखा गया सिद्धार्थ । राजा को एक भविष्यवाणी मिली कि यह लड़का या तो महान राजा बनेगा, या महान संन्यासी (संत)। राजा चाहते थे कि सिद्धार्थ राजा बने, इसलिए उन्होंने महल के अंदर हर तरह की सुख-सुविधा रखी। सिद्धार्थ को कभी कोई बूढ़ा, बीमार या मरा हुआ इंसान नहीं दिखा। उन्हें लगता था दुनिया में सिर्फ सुख-ही-सुख है। 🚶♂️ चार दृश्य (जिसने सिद्धार्थ का जीवन बदल दिया) – लगभग 534 ईसा पूर्व जब सिद्धार्थ बड़े हुए, तो उन्होंने महल से बाहर जाने की ज़िद की। राजा ने रास्ते से सारे बूढ़े-बीमार लोगों को हटा दिया, लेकिन देवताओं ने चार दृश्य दिखाने की योजना बनाई। बाहर निकलते ही सिद्धार्थ ने ये चीज़ें देखीं: ...